जैक लंदन द्वारा लिखित “लॉस्ट फेस” एक लघुकहानियों का संग्रह है, जो पहली बार 19वीं शताब्दी के अंत में प्रकाशित हुआ। इस संग्रह की पहली ही कहानी “सुबिएनकोव” नामक पोलिश क्रांतिकारी के जीवन पर आधारित है; रूसी अमेरिका में स्थानीय जनजातियों द्वारा पकड़े जाने के बाद उसे भयानक यातनाएँ दी गईं। अपने भयावह भविष्य का इंतज़ार करते हुए, वह अपने जीवन के बारे में सोचता है… उसके जीवन पर जो क्रूरताएँ छायी रहीं। “लॉस्ट फेस” की शुरुआत में सुबिएनकोव को बाँधकर यातनाओं का इंतज़ार करते हुए दिखाया गया है; वह एक विशाल कोसैक, “बिग इवान” को भी अपनी तरह ही पीड़ित होते हुए देख रहा है। दया माँगने के विचार से ही उसको कंप आ जाता है… अपनी संवेदनशील प्रकृति एवं कलात्मक भावनाओं के बारे में सोचते हुए, वह अपने साथियों की क्रूर दुर्दशा की तुलना में खुद को अधिक दुर्भाग्यशाली महसूस करता है। कहानी आगे बढ़ने पर, वह खुद को बचाने के लिए एक योजना बनाता है… उसका दावा है कि उसके पास ऐसी जादुई औषधि है जो उसे हर खतरे से बचा सकती है… इस झूठ का उपयोग करके वह अपने अपहरणकर्ताओं के साथ बातचीत करता है… लेकिन उसकी खतरनाक स्थिति लगातार तनावपूर्ण होती जाती है… यह पूरा संग्रह, उस क्रूर दुनिया में उसके सामने आने वाले नैतिक द्वंद्वों को भी दर्शाता है…
इस पुस्तक के बारे में विकिपीडिया पृष्ठ: en.wikipedia.org/wiki/Lost_Face