अगुस्तीन अल्वारेज़ की 《ला त्रांसफ़ोर्मासियोन दे लास रासास एन अमेरिका》 20वीं शताब्दी के आरंभ में लिखा गया एक ऐतिहासिक और समाजशास्त्रीय विश्लेषण है। यह कृति अमेरिका में मानव आत्माओं और सामाजिक संरचनाओं के विकास का अध्ययन करती है, जिसमें विशेष रूप से धर्म, नैतिकता और सभ्यताओं के विकास के प्रभावों पर ध्यान केंद्रित किया गया है। अल्वारेज़ का विवेचन पाठकों को स्थापित मान्यताओं पर प्रश्न उठाने और ऐतिहासिक परिवर्तनों के संदर्भ में सामाजिक प्रगति की गतिशीलता को समझने के लिए प्रेरित करता है। कृति का आरंभ अगुस्तीन अल्वारेज़ का परिचय देते हुए सांस्कृतिक और नस्ली विकास पर चर्चा की भूमिका तैयार करता है। इसमें लेखक की उस पृष्ठभूमि को रेखांकित किया गया है जिसमें वे शिक्षा और सामाजिक आलोचना के प्रति समर्पित स्वनिर्मित व्यक्ति थे। प्रारंभिक खंड धार्मिक विश्वासों और वैज्ञानिक समझ के पारस्परिक संबंध पर व्यापक विमर्श का मार्ग प्रशस्त करते हैं और इस बात पर बल देते हैं कि अतीत की विचारधाराओं ने समकालीन चिंतन को किस प्रकार आकार दिया है। अल्वारेज़ अपने समय के व्यापक रूप से व्याप्त मताग्रहों को चुनौती देना आरंभ करते हैं और संकेत देते हैं कि सामाजिक विफलताओं का समाधान करने तथा अधिक प्रबुद्ध भविष्य की ओर बढ़ने के लिए मानव चेतना का विकास महत्वपूर्ण है।