जूल्स वर्न की रचना “De Reis naar de Maan in 28 Dagen en 12 Uren” उन्नीसवीं सदी के उत्तरार्ध में लिखा गया विज्ञान-कथा उपन्यास है। कहानी गन क्लब की महत्वाकांक्षी योजनाओं के इर्द-गिर्द घूमती है—यह अमेरिकी तोपख़ाना-प्रेमियों का एक समूह है, जो गृहयुद्ध के बाद चंद्रमा पर एक प्रक्षेप्य भेजने का प्रयास करता है। मुख्य पात्र इम्पी बार्बिकेन इस दुस्साहसिक परियोजना का प्रस्ताव रखते हैं, जिससे क्लब के सदस्यों और पूरे राष्ट्र में उत्साह व उमंग की लहर दौड़ जाती है। इस रोमांचक कथा का आरंभ गन क्लब के परिचय से होता है, जिसकी स्थापना अमेरिकी गृहयुद्ध के दौरान हुई थी और जो अब शांतिकाल की ऊब का सामना कर रहा है। विस्फोटक रचनात्मकता के अभाव से असंतुष्ट सदस्य युद्धकालीन आविष्कारों पर जोशीली चर्चाओं में संलग्न होते हैं। अंततः बार्बिकेन एक असाधारण अभियान का प्रस्ताव रखते हैं: ऐसा विशाल तोप बनाना जो चंद्रमा तक एक प्रक्षेप्य भेज सके। यह प्रस्ताव क्लब के सदस्यों और आसपास के समुदाय में जोश भर देता है तथा इंजीनियरी कौशल, राष्ट्रीय गौरव और वैज्ञानिक प्रगति की खोज से भरे एक विराट साहसिक अभियान की भूमिका तैयार करता है।