पॉलोस नीरवानास द्वारा लिखित “मोती वाली चरवाहिन और अन्य छोटी कहानियाँ” 20वीं सदी के आरंभ में लिखी गई लघुकथाओं का संग्रह है। यह पुस्तक प्रेम, क्षति तथा भाग्य और व्यक्तिगत चुनावों के परस्पर गुंथे संबंध जैसे विषयों का अन्वेषण करती है। इन विषयों को ऐसे पात्रों के माध्यम से प्रस्तुत किया गया है, जो मार्मिक कथाओं में उलझे हैं और जिनमें अक्सर यथार्थ तथा परीकथा के तत्वों का मेल दिखाई देता है। आरंभिक कहानी एक कुलीन परिवार का परिचय देती है और विशेष रूप से एक राजकुमार तथा एक चरवाहिन पर केंद्रित है, जिनकी नियतियाँ उन सुंदर मोतियों से जुड़ी प्रतीत होती हैं, जो प्रेम और त्याग के प्रतीक हैं। कथा का आरंभ उस राजकुमार की पृष्ठभूमि उजागर करता है, जो राजसी हैसियत के बावजूद दरबारी जीवन की विलासपूर्ण अपेक्षाओं से अधिक प्रकृति और अपने निजी उद्देश्यों के प्रति अनुरक्त है। वन्य प्रदेश में भटकते हुए उसकी भेंट एक चरवाहिन से होती है, और इससे पारिवारिक अपेक्षाओं, व्यक्तिगत इच्छाओं तथा मंडराते संघर्ष के खतरे से जटिल बना एक प्रेम-संबंध आरंभ होता है। यह कथा गहरी भावनात्मक अनुगूंज का वातावरण रचती है और सामाजिक मानदंडों के विरुद्ध पात्रों के संघर्ष तथा सच्चे जुड़ाव की उनकी तलाश को दर्शाती है। सजीव वर्णनों और गीतात्मक गद्य के माध्यम से नीरवानास एक मार्मिक आरंभ रचते हैं, जो उन त्रासदियों और बलिदानों की आहट देता है, जो पूरे संग्रह में संबंधों को परिभाषित करेंगे।