Mathématiques et Mathématiciens: Pensées et Curiosités

इस किताब के बारे में

«Mathématiques et Mathématiciens: Pensées et Curiosités» ए. रेबिएर की उन्नीसवीं शताब्दी के उत्तरार्ध में लिखी गई गणित से संबंधित दार्शनिक चिंतनों और कौतुकों का संग्रह है। यह कृति ऐतिहासिक और समकालीन विचारकों की अंतर्दृष्टियों के माध्यम से विभिन्न गणितीय अवधारणाओं, सिद्धांतों तथा भिन्न-भिन्न क्षेत्रों में गणित के महत्व का अन्वेषण करती है। इस कृति का आरंभ गणित की प्रकृति तथा अंकगणित, ज्यामिति और खगोल विज्ञान जैसी उसकी विभिन्न शाखाओं की चर्चा से मंच तैयार करता है। यह गणित की परिभाषा और उसके विस्तार पर आवश्यक प्रश्न उठाता है, यह संकेत करते हुए कि वह मुख्यतः क्रम और मापन की धारणाओं से संबंधित है। पाठ में अरस्तू, देकार्त और कांट जैसे प्रभावशाली दार्शनिकों और गणितज्ञों के उद्धरण सम्मिलित हैं, जो उस आधारभूत विचारधारा की झलक देते हैं जो गणितीय अन्वेषण को आकार देती है। रेबिएर गणित को मात्राओं के बीच संबंधों को मापने और समझने के विज्ञान के रूप में महत्व देते हैं, और पुस्तक की अमूर्त अवधारणाओं तथा उनके व्यावहारिक अनुप्रयोगों दोनों की व्यापक पड़ताल का संकेत देते हैं।

पढ़ने का स्तर
B1 · मध्यम
भाषा
Français

मिलती-जुलती किताबें

V B1 Voyage au Centre de la Terre Voyage au Centre de la Terre Verne, Jules, 1828-1905 C B1 Les crimes de l'amour Les crimes de l'amour Sade, marquis de, 1740-1814 L B1 L'île mystérieuse L'île mystérieuse Verne, Jules, 1828-1905 V B1 Vie de Jésus Vie de Jésus Renan, Ernest, 1823-1892 D B1 Du côté de chez Swann Du côté de chez Swann Proust, Marcel, 1871-1922 V B1 Vingt mille Lieues Sous Les Mers — Complete Vingt mille Lieues Sous Les Mers — Complete Verne, Jules, 1828-1905