Erotica Romana

Goethe, Johann Wolfgang von, 1749-1832

इस किताब के बारे में

जोहान वोल्फगैंग फॉन गेटे द्वारा रचित “एरोटिका रोमाना” 18वीं शताब्दी के अंतिम वर्षों में लिखी गई 24 कविताओं का संग्रह है। इस कृति में टिबुलस एवं कैटुलस जैसे प्राचीन रोमन कवियों से प्रेरणा ली गई है, एवं रोम की प्राकृतिक एवं सांस्कृतिक पृष्ठभूमि में प्रेम, इच्छा एवं सौंदर्य जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई है। इन कविताओं में एक संवेदनशील एवं आत्मचिंतनपूर्ण भाषा का उपयोग किया गया है; जो गेटे के इटली में बिताए गए समय के अनुभवों एवं चिंतनों को प्रतिबिंबित करती है। “एरोटिका रोमाना” में प्रस्तुत कविताएँ प्रेम के विभिन्न पहलुओं पर प्रकाश डालती हैं; इनमें प्रेमी अपने प्रियजन के सौंदर्य, उनके गुप्त मिलनों का आनंद एवं भावनात्मक अनुभवों पर विस्तार से चर्चा की गई है। इन कविताओं में पौराणिक उल्लेखों के साथ-साथ व्यक्तिगत चिंतनों का भी समावेश है। जीवंत छवियों एवं काव्यात्मक भाषा के माध्यम से गेटे ने प्रेम की मादक प्रकृति को उजागर किया है; साथ ही आकर्षण की जटिलताओं एवं घनिष्ठ संबंधों के आनंदों पर भी चर्चा की है।

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लेखक
Goethe, Johann Wolfgang von, 1749-1832
पढ़ने का स्तर
A2 · प्रारंभिक
भाषा
English