जेरोम के. जेरोम द्वारा लिखित “मैल्विना ऑफ ब्रिटनी” एक 20वीं सदी की शुरुआत में लिखी गई उपन्यास है, जिसमें कल्पना एवं रोमांस के तत्व मिले हुए हैं। कहानी मध्यकालीन लोककथाओं में पाई जाने वाली एक शरारती परी, मैल्विना के इर्द-गिर्द घूमती है; उसे अपनी बेपरवाह जादुई क्रियाओं के कारण निर्वासित कर दिया जाता है। 20वीं सदी में वह “फ्लाइट कमांडर रैफल्टन” से मिलती है, जिसके बाद उसकी जिंदगी में नए परिवर्तन आते हैं। उपन्यास की शुरुआत में एक डॉक्टर का पात्र भी प्रस्तुत किया गया है, जो मैल्विना से जुड़ी अनोखी कहानियों, उसकी शरारतों एवं उसकी जादुई क्रियाओं के परिणामों पर विचार करता है। मैल्विना की ब्रिटनी में बिताई गई अवधि के दौरान हुई घटनाएँ उसके आधुनिक दुनिया में पहुँचने की कहानी की रूपरेखा तय करती हैं; “रैफल्टन” से हुए एक महत्वपूर्ण चुंबन के बाद वह सदियों की नींद से जाग उठती है, और फिर दोनों मिलकर मैल्विना की पहचान एवं उसकी जादुई शक्तियों के समकालीन समाज पर पड़ने वाले प्रभावों का अन्वेषण करते हैं। उपन्यास की शुरुआत मनोरंजक एवं विचारोत्तेजक है; इसमें इतिहास, लोककथाएँ एवं मानवीय भावनाओं से जुड़ी चुनौतियाँ भी शामिल हैं।