विट्रूवियस पोल्लियस द्वारा लिखित “आर्किटेक्चर पर दस पुस्तकें” एक ऐसा ग्रंथ है जो 1वीं शताब्दी ईसा पूर्व में लिखा गया। यह महत्वपूर्ण कृति आर्किटेक्चर के मूल सिद्धांतों पर प्रकाश डालती है; इसमें शहरी नियोजन, निर्माण तकनीकें एवं निर्माण हेतु आवश्यक सामग्रियों जैसे विषय शामिल हैं। विट्रूवियस का उद्देश्य आर्किटेक्टों के लिए विभिन्न विषयों में ज्ञान के महत्व पर जोर देना है; उनका मानना है कि प्रभावी डिज़ाइन एवं निर्माण हेतु एक समग्र शिक्षा आवश्यक है। इस कृति की शुरुआत में ही विट्रूवियस ने सम्राट ऑगस्टस को संबोधित करते हुए अपने लेखन के पीछे के उद्देश्यों का वर्णन किया है; उनकी इच्छा थी कि अपने आर्किटेक्चरल ज्ञान के माध्यम से वह सार्वजनिक कल्याण में योगदान दे सकें। उन्होंने आर्किटेक्टों पर भूमिति, इतिहास, दर्शन, संगीत एवं चिकित्सा जैसे विषयों में व्यापक ज्ञान होने की आवश्यकता पर भी जोर दिया, ताकि वे अपना कार्य प्रभावी ढंग से संपन्न कर सकें। आगे विट्रूवियस ने आर्किटेक्चर के मूलभूत सिद्धांतों पर विस्तार से चर्चा की है; उन्होंने क्रम, व्यवस्था, सममिति एवं लागत-प्रभावशीलता को सफल निर्माण डिज़ाइन हेतु महत्वपूर्ण घटकों के रूप में उल्लेख किया है। यह मौलिक विवरण बाद के अध्यायों में होने वाली और अधिक तकनीकी चर्चाओं का आधार प्रदान करता है।