जैक डगलस की “टेस्ट रॉकेट!” 1950 के दशक के उत्तरार्ध में प्रकाशित विज्ञान-कथा लघुकथा है। कथा एक ऐसे रॉकेट से जुड़ी रहस्यमय परिस्थितियों के इर्द-गिर्द घूमती है, जो किसी अज्ञात स्रोत से आया प्रतीत होता है और जिसका डिज़ाइन कैप्टन बेयर्ड तथा उनकी टीम द्वारा विकसित परीक्षण रॉकेट से काफ़ी मिलता-जुलता है। यह कहानी अन्वेषण और अलौकिक जीवन की संभावनाओं जैसे विषयों में उतरती है तथा अंतरिक्ष अनुसंधान में शामिल लोगों के सामने आने वाली अनिश्चितताओं को उजागर करती है। कहानी में कैप्टन बेयर्ड और उनके सहकर्मी डॉक्टर योहान्सेन उस अजीब, असामान्य रूप से बड़े रॉकेट के आगमन से जूझ रहे हैं, जो उनके परीक्षण केंद्र पर आकर उतरा है। जाँच करने पर उन्हें पता चलता है कि रॉकेट के पुर्ज़े उनके अपने डिज़ाइन के समान हैं, फिर भी उसकी सामग्री और उसका दल—एक ऐसा व्यक्ति जो उपकरणों को पढ़ या समझ नहीं सकता—उनके लिए पूरी तरह अपरिचित हैं। यह कथा तब पात्रों के बीच बढ़ते तनाव के माध्यम से आगे बढ़ती है, जब वे इस अप्रत्याशित घटना के निहितार्थों का सामना करते हैं और किसी अज्ञात शत्रु या दूसरी दुनिया से हुई अप्रत्याशित भेंट के भय से जूझते हैं। कैप्टन जब उस व्यक्ति की भूमिका और रॉकेट के उद्देश्य पर विचार करते हैं, तो वे अंतरिक्ष-अन्वेषण के भविष्य और पृथ्वी से परे जीवन के अस्तित्व को लेकर गहरे प्रश्नों के साथ रह जाते हैं।