आदेले शोपेनहाउअर (Adele Schopenhauer) की «Eine dänische Geschichte: Roman» उन्नीसवीं शताब्दी के मध्य में लिखी गई एक उपन्यास है। मुख्यतः लाआलांद (Laaland) द्वीप पर स्थित ऐतिहासिक नगर नीस्टेड (Nysted) में घटित यह कथा यूरोप में उभरती स्वतंत्रता की भावना से प्रभावित पृष्ठभूमि में कला, प्रेम और सामाजिक संघर्षों के विषयों को एक-दूसरे से जोड़ती है। प्रमुख पात्रों में थोराल्ड आइनर्ससेन (Thorald Eynerssen) हैं, एक युवा कलाकार जो हेलेने (Helene) के प्रति अपनी भावनाओं से जूझ रहे हैं, तथा उनके भाई ग्राफ़ क्रिस्चियन (Graf Christian), जिनके रक्षात्मक और पारंपरिक दृष्टिकोण इस उभरते प्रेम के लिए चुनौतियाँ खड़ी करते हैं। उपन्यास का आरंभ नीस्टेड के शांत किंतु चिंतनशील नगर से होता है, जहाँ तीन महीने बिताने के बाद उदासीन चित्रकार थोराल्ड जीवन और अपनी भावनाओं पर विचार करते हैं। वे हाल ही में हेलेने से प्रेम करने लगे हैं, पर सामाजिक स्तरों और पारिवारिक अपेक्षाओं की जटिलताएँ उन पर भारी पड़ती हैं। स्थानीय गिरजाघर के लिए वेदी-चित्र बनाने में हेलेने की छवि का प्रयोग करने का थोराल्ड का निर्णय तनाव उत्पन्न करता है, विशेषकर जब ग्राफ़ क्रिस्चियन इस पर उनसे सामना करते हैं। कथा के आगे बढ़ने पर हेलेने का जीवंत स्वभाव और सामाजिक रूढ़ियों से मुक्त होने का संकल्प प्रकट होता है, जो व्यक्तिगत इच्छाओं और सामाजिक मानदंडों के बीच संघर्ष की भूमिका तैयार करता है।