हंस हिल्डेब्रांड की «Lifvet på Island under sagotiden» उन्नीसवीं शताब्दी के उत्तरार्ध में लिखा गया एक ऐतिहासिक वृत्तांत है। यह कृति आइसलैंड के प्राचीन जीवन, विशेषकर सागा-युग, का अन्वेषण करती है और वाइकिंग युग की महत्वपूर्ण घटनाओं, उल्लेखनीय व्यक्तित्वों तथा सामाजिक-राजनीतिक संदर्भों को समेटती है। यह पुस्तक नॉर्डिक इतिहास और इस अनूठे काल को समेटे समृद्ध आख्यानों में रुचि रखने वाले पाठकों को आकर्षित करने की संभावना रखती है। पाठ का आरंभ प्रारंभिक आइसलैंडिक जीवन के विषय से होता है और इसमें उन प्रेरणाओं तथा घटनाओं का विवरण दिया गया है, जिनके कारण नॉर्स अन्वेषकों, विशेषकर इंगोल्फ और लीफ, ने आइसलैंड में बसावट की। इसमें हाराल्ड हॉरफागर के उदय के कारण नॉर्वे में उत्पन्न उथल-पुथल की पृष्ठभूमि का वर्णन है, जिसने अनेक लोगों को उस एकांत द्वीप पर नए सिरे से जीवन शुरू करने के लिए प्रेरित किया। सागाओं और ऐतिहासिक संदर्भों के सम्मिश्रण के माध्यम से हिल्डेब्रांड इस भूमि की प्रारंभिक बसावट, बसने वालों की आकांक्षाओं और इस रूपांतरकारी यात्रा पर निकलने वाले विभिन्न पात्रों का जीवंत चित्र प्रस्तुत करते हैं। यह आधार आगे आने वाले अध्यायों में आइसलैंड के सामाजिक, कानूनी और सांस्कृतिक विकास की गहन पड़ताल के लिए मंच तैयार करता है।