Kritik der reinen Vernunft

Kant, Immanuel, 1724-1804

इस किताब के बारे में

इमैनुएल कांत द्वारा लिखित “क्रिटिक डेर रीने वर्नुंट” एक दार्शनिक ग्रंथ है, जो 1781 में प्रकाशित हुआ। कांत ने इस ग्रंथ में यह जाँचा कि अनुभव से अलग करके बुद्धि क्या जान सकती है, एवं मेटाफिजिक्स की सीमाओं एवं दायरे पर भी विचार किया। उन्होंने स्थान, समय एवं ज्ञान संबंधी कई महत्वपूर्ण विचार प्रस्तुत किए, जिन्होंने तर्कवादी एवं अनुभववादी दर्शनिक परंपराओं को चुनौती दी। मूल प्रश्न यह है: हम ऐसा ज्ञान कैसे प्राप्त कर सकते हैं, जो आवश्यक हो एवं हमारी समझ में वृद्धि करे? इस अनुसंधान ने पश्चिमी दर्शन को ही नए रूप दे दिए।

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इस पुस्तक के बारे में विकिपीडिया पृष्ठ: en.wikipedia.org/wiki/Critique_of_Pure_Reason de.wikipedia.org/wiki/Kritik_der_reinen_Vernunft

लेखक
Kant, Immanuel, 1724-1804
पढ़ने का स्तर
B2 · उच्च-मध्यम
भाषा
Deutsch