फ्रांसिस गैल्टन द्वारा लिखित “इंक्वेरीज इन ह्यूमन फैसिलिटीज एंड इट्स डेवलपमेंट” एक वैज्ञानिक पुस्तक है, जो पहली बार 19वीं सदी के अंत में प्रकाशित हुई। इस पुस्तक में मानव विशेषताओं एवं क्षमताओं से संबंधित विभिन्न विषयों पर चर्चा की गई है; जिसमें आनुवंशिकता, मानसिक प्रक्रियाएँ, एवं उत्तमन के माध्यम से मानव जाति को बेहतर बनाने की संभावनाएँ शामिल हैं। गैल्टन का दृष्टिकोण प्रायोगिक अनुसंधान एवं सांख्यिकीय विधियों पर आधारित है; जो उस समय में मानव व्यवहार एवं समाज पर वैज्ञानिक सिद्धांतों के लागू होने में बढ़ती रुचि को दर्शाता है। पुस्तक की भूमिका में गैल्टन ने विभिन्न पूर्व लेखों से प्राप्त जानकारियों को एक सुसंगत अध्ययन में समेटने की अपनी मंशा व्यक्त की है। उन्होंने मानव क्षमताओं का व्यापक अध्ययन करने की इच्छा व्यक्त की है, एवं उल्लेख किया है कि इन भिन्नताओं को पूरी तरह समझना भविष्य की पीढ़ियों के लिए मानव जाति को बेहतर बनाने हेतु अत्यंत महत्वपूर्ण है। गैल्टन ने विभिन्न जातियों का मूल्यांकन करते समय पूर्वाग्रहों से बचने की आवश्यकता पर भी जोर दिया है, एवं माना है कि लोगों के बीच मौजूद अंतर्निहित भिन्नताएँ फायदेमंद भी हो सकती हैं। पुस्तक की भूमिका मानव क्षमताओं को परिभाषित करने वाले मापदंडों एवं विशेषताओं पर विस्तृत जानकारी प्रदान करती है, एवं इनके विकास एवं सामाजिक प्रगति पर पड़ने वाले प्रभावों पर भी चर्चा करती है।