The Part Borne by the Dutch in the Discovery of Australia 1606-1765

Heeres, J. E. (Jan Ernst), 1858-1932

इस किताब के बारे में

जे. ई. हीरेस द्वारा लिखित “1606–1765 के दौरान ऑस्ट्रेलिया की खोज में डच लोगों का योगदान” एक ऐतिहासिक ग्रंथ है, जो 19वीं सदी के अंत में लिखा गया। यह पुस्तक 17वीं एवं 18वीं शताब्दी के दौरान ऑस्ट्रेलिया की खोज एवं मानचित्रण में डच अन्वेषकों के महत्वपूर्ण, लेकिन अक्सर नजरअंदाज किए गए योगदानों पर केंद्रित है। इसका उद्देश्य नीदरलैंड्स के नाविकों के ऐतिहासिक योगदानों को स्पष्ट रूप से प्रस्तुत करना है, एवं उनकी यात्राओं एवं अन्वेषणों का विवरण देना है; जबकि इस क्षेत्र में आमतौर पर ब्रिटेन के ही योगदानों को सराहा जाता है। पुस्तक की भूमिका में लेखक ने ऑस्ट्रेलिया से संबंधित डच अन्वेषणों पर पुनः विचार करने के अपने उद्देश्य का वर्णन किया है। हीरेस का कहना है कि घरेलू एवं विदेशी इतिहासों में डच लोगों की भूमिका अक्सर गलत तरीके से समझी जाती है या उस पर ध्यान ही नहीं दिया जाता। उन्होंने बताया कि इस पुस्तक का विचार अपने पूर्ववर्ती शोध “एबेल टैसमैन” से ही उत्पन्न हुआ, एवं इसमें विलेम जांसज़ एवं डिर्क हार्टोग्स जैसे डच अन्वेषकों की यात्राओं से संबंधित आर्काइव दस्तावेजों का भी उपयोग किया गया है। पुस्तक की भूमिका, ऐतिहासिक दस्तावेजों के विस्तृत अध्ययन हेतु आधार प्रदान करती है; एवं डच अन्वेषकों द्वारा किए गए उन अभियानों को कालानुक्रमिक रूप से प्रस्तुत करती है, जिन्होंने यूरोप में ऑस्ट्रेलिया के भूगोल की समझ में महत्वपूर्ण योगदान दिया।

लेखक
Heeres, J. E. (Jan Ernst), 1858-1932
पढ़ने का स्तर
B1 · मध्यम
भाषा
English