मार्कस टुलियस सिसेरो द्वारा लिखित “मित्रता एवं बुढ़ापे पर निबंध” एक दार्शनिक संवाद है, जो 44 ईसा पूर्व में लिखा गया। यह कृति 129 ईसा पूर्व में स्किपियो अफ्रीकनस की मृत्यु के बाद की पृष्ठभूमि पर आधारित है, एवं लेलियस एवं उनके दो दामादों के बीच हुए संवाद के माध्यम से सच्ची मित्रता की प्रकृति पर विस्तार से चर्चा करती है। लेलियस इस बात पर विचार करते हैं कि वास्तविक मित्रता क्या है, एवं तर्क देते हैं कि ऐसी मित्रता केवल सद्गुणी व्यक्तियों के बीच ही संभव है। संवाद के माध्यम से, सिसेरो निष्ठा, सम्मान एवं ऐसे बंधनों पर चर्चा करते हैं जो अलग-अलग युगों में भी अच्छे लोगों को आपस में जोड़े रखते हैं।
समान शीर्षक: “कैटो मेजोर डी सेनेक्टुटे” (अंग्रेज़ी में: Cato Major de Senectute) इस पुस्तक के बारे में विकिपीडिया पृष्ठ: en.wikipedia.org/wiki/Laelius_de_Amicitia