एच. सी. एंडरसन की "Η νεράιδα του Πάγου" उन्नीसवीं शताब्दी के आरंभ में लिखी गई परियों की कहानियों का संग्रह है। पुस्तक प्रकृति, मानवीय भावनाओं और दैनिक जीवन से जुड़ने वाले रहस्यमय तत्वों के विषयों में उतरती है, और यथार्थ को कल्पना के साथ मिलाने की एंडरसन की प्रतिभा को दर्शाती है। कहानियों में प्रायः सजीव चित्रित पात्र होते हैं जो जादुई प्राणियों से मिलते हैं और नैतिक शिक्षाओं का सामना करते हैं, जिससे मानवीय अनुभवों की जटिलता पर बल पड़ता है। इस कृति का आरंभ काव्य और कथाकथन के सार को विस्तार से बताने वाला एक परिचय प्रस्तुत करता है। यह कवियों और कथाकारों की उस भूमिका पर विचार करता है जिसके द्वारा वे मानवीय भावनाओं और संसार की व्याख्या करते हैं, और सुझाता है कि अपनी कला के माध्यम से वे जीवन की लय से गहराई से जुड़ते हैं तथा मानव स्थिति की परीक्षा करते हैं। यह प्रस्तावना आगे आने वाली मोहक कथाओं के लिए मंच तैयार करती है, पाठकों को ऐसे संसार में आमंत्रित करती है जहाँ प्रकृति बोलती है और रहस्यमय अर्थ से ओतप्रोत है, तथा एंडरसन के कल्पनाशील आख्यानों का मार्ग प्रशस्त करती है।
अनुवाद: बर्फ की रानी