Andersen's Fairy Tales

Andersen, H. C. (Hans Christian), 1805-1875

इस किताब के बारे में

हैंस क्रिश्चियन एंडरसन द्वारा लिखी गई “एंडरसन की परी कहानियाँ” 19वीं सदी की शुरुआती एवं मध्य अवधि में लिखी गई मनमोहक कहानियों का संग्रह है। इन कहानियों में एंडरसन की कल्पना एवं नैतिक विचार प्रकट हुए हैं; इनमें अनोखे पात्र एवं जटिल कथानक भी शामिल हैं। पाठक “द एम्परर के न्यू क्लोथ्स”, “द लिटिल मैच गर्ल” एवं “द स्नो क्वीन” जैसी प्रसिद्ध कहानियाँ पढ़ सकते हैं, जो मोहकता, निर्दोषता एवं जीवन की कड़वी-मीठी प्रकृति जैसे विषयों पर प्रकाश डालती हैं। इस संग्रह की पहली ही कहानी “द एम्परर के न्यू क्लोथ्स” है; इसमें फैशन के प्रति आसक्त एक सम्राट दो धोखेबाजों के झाँसे में आ जाता है… वे उसे ऐसे कपड़े बनाने का वादा करते हैं जो अक्षम या मूर्ख लोगों को तो दिखाई नहीं देंगे… लेकिन वास्तव में कोई कपड़ा ही नहीं बनाया जाता… फिर भी सम्राट अपने “नए कपड़ों” की प्रशंसा करता रहता है… क्योंकि उसे डर है कि लोग उसे अपने पद के लिए अयोग्य समझेंगे… यह कहानी मनुष्य की मूर्खता एवं सामाजिक दबावों पर प्रकाश डालती है… जब सम्राट अपने “काल्पनिक वेश” में शहर में घूमता है, तो एक बच्चे की निर्दोष बातें ही उसके भ्रम को उजागर कर देती हैं… यही वे विषय हैं जो एंडरसन की सभी कहानियों में प्रमुखता से उल्लेखित हुए हैं… सच्चाई एवं धारणाओं के बारे में…

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इस पुस्तक के बारे में विकिपीडिया पृष्ठ: en.wikipedia.org/wiki/Fairy_Tales_Told_for_Children._First_Collection.

लेखक
Andersen, H. C. (Hans Christian), 1805-1875
पढ़ने का स्तर
A2 · प्रारंभिक
भाषा
English