Logica

Piquer, Andres, 1711-1772

इस किताब के बारे में

आंद्रेास पिकेर द्वारा लिखित “Logica” अठारहवीं शताब्दी के उत्तरार्ध में लिखा गया एक वैज्ञानिक प्रकाशन है। यह ग्रंथ तार्किक तर्क-वितर्क का व्यापक विवेचन प्रस्तुत करता है और कृत्रिम तर्कशास्त्र के सिद्धांतों तथा ज्ञान के विभिन्न क्षेत्रों में उसके अनुप्रयोग पर चर्चा करता है, जिसमें मुख्य रूप से न्यायवाक्यात्मक तर्क पर ध्यान केंद्रित किया गया है। पिकेर का उद्देश्य बुद्धि और तर्कशास्त्र के बीच के भेदों को स्पष्ट करना है। वे सटीक तर्क के आधार के रूप में मूलभूत सत्यों को समझने के महत्व पर बल देते हैं। “Logica” की शुरुआत कृत्रिम तर्कशास्त्र की प्रकृति और उद्देश्य को परिभाषित करके इसकी आधारभूमि तैयार करती है। पिकेर बताते हैं कि मानव समझ स्वाभाविक रूप से प्रारंभिक सत्यों तक कैसे पहुँचती है और विचारों में निश्चितता सुनिश्चित करने के लिए तार्किक संयोजनों का क्या महत्व है। वे विस्तार से समझाते हैं कि तर्क-वितर्क, जिसे न्यायवाक्य कहा जाता है, विचारों को जोड़ने और नए निष्कर्ष निकालने की सबसे विश्वसनीय विधि है। इसके अतिरिक्त, पिकेर अपने समकालीन दार्शनिकों की आलोचना करते हैं, जो उनके विचार में सच्चे तर्कशास्त्र से भटक गए हैं। उनका दावा है कि वास्तविक ज्ञान विभिन्न विज्ञानों के स्थापित सिद्धांतों पर निर्मित होता है। यह अंश तार्किक पद्धति और दर्शन के गहनतर अन्वेषण की प्रभावी पृष्ठभूमि तैयार करता है और तार्किक अनुसंधान के प्रति अनुशासित दृष्टिकोण के पक्ष में एक सशक्त तर्क प्रस्तुत करता है।

लेखक
Piquer, Andres, 1711-1772
पढ़ने का स्तर
C1 · उन्नत
भाषा
Español

मिलती-जुलती किताबें

D C1 Don Quijote Don Quijote Cervantes Saavedra, Miguel de, 1547-1616 P C1 El paraíso perdido El paraíso perdido Milton, John, 1608-1674 N C1 Novelas ejemplares Novelas ejemplares Cervantes Saavedra, Miguel de, 1547-1616 R C1 Reglas y consejos sobre investigación científica Reglas y consejos sobre investigación científica Ramón y Cajal, Santiago, 1852-1934 H C1 Historia de las Indias (vol. 3 de 5) Historia de las Indias (vol. 3 de 5) Casas, Bartolomé de las, 1484-1566 S C1 Suma y narracion de los Incas, que los indios llamaron Capaccuna, que fueron… Suma y narracion de los Incas, que los indios llamaron Capaccuna, que fueron… Betanzos, Juan de, 1510-1576