Mademoiselle de Maupin

Gautier, Théophile, 1811-1872

इस किताब के बारे में

थियोफील गॉतिएर द्वारा लिखित “मैडेमोइजेल डी मॉपिन” एक 19वीं सदी की शुरुआत में लिखी गई उपन्यास है। इस कहानी में प्रमुख पात्रा, मैडेलीन डी मॉपिन – एक साहसी एवं अपरंपरागत महिला – के अनुभवों के माध्यम से प्रेम, लैंगिक पहचान एवं सामाजिक मानदंडों जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई है। इस उपन्यास की शुरुआत में दी गई प्रस्तावना, समकालीन समाज के रीति-रिवाजों एवं नैतिकता/सद्गुणों के प्रति उसके द्विधापूर्ण दृष्टिकोण की आलोचना करती है। गॉतिएर ने ऐसे लोगों के प्रति अपनी घृणा व्यक्त करने हेतु व्यंग्यात्मक शैली का उपयोग किया है; जो एक ओर सद्गुणों का प्रचार-प्रसार करते हैं, लेकिन दूसरी ओर अपने ही विपरीत कार्य करते हैं। उन्होंने साहित्य में नैतिकता संबंधी दृष्टिकोणों में हुए परिवर्तनों पर भी चर्चा की है, एवं पत्रकारों एवं उनकी नैतिकतावादी प्रवृत्तियों पर भी मजाकिया ढंग से टिप्पणी की है। यह प्रस्तावना, आगे आने वाली कहानी की दिशा को स्पष्ट करती है; क्योंकि इस उपन्यास में ऐसी पात्रा है जो समाज की महिलावाद एवं सद्गुणों संबंधी अपेक्षाओं का विरोध करती है… ऐसी अपेक्षाएँ जिन्हें गॉतिएर असमझदारीपूर्ण मानते हैं।

लेखक
Gautier, Théophile, 1811-1872
पढ़ने का स्तर
B1 · मध्यम
भाषा
Français

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