मिशेल डी मोंटेने द्वारा लिखित “एसेज ऑफ मिशेल डी मोंटेने – पूर्ण संस्करण” लगभग 1570 से 1592 के बीच लिखे गए निबंधों का संग्रह है। मोंटेने ने पूरी स्वतंत्रता के साथ अपने व्यक्तित्व एवं भावनाओं का वर्णन किया, एवं ऐसी ही एक नई साहित्यिक शैली का निर्माण किया; जिसे उन्होंने “प्रयास” या “परीक्षण” कहा। इन निबंधों में विचार-विमर्श अंतरात्मा, दुख जैसे गहरे विषयों से लेकर गंध जैसे सामान्य विषयों तक है; एवं मनुष्य की प्रकृति का विश्लेषण संदेहपूर्ण दृष्टिकोण से किया गया है। फ्रांस में चल रहे धार्मिक युद्धों के दौरान लिखे गए इन निबंधों में मोंटेने ने “निश्चितता” के बारे में ही सवाल उठाए; एवं “मैं क्या जानता हूँ?” ऐसा प्रश्न पूछकर अपने विचारों को स्वतंत्र रूप से व्यक्त किया, साथ ही पारंपरिक स्रोतों से भी प्रेरणा ली।