Le jardin des supplices

Mirbeau, Octave, 1848-1917

इस किताब के बारे में

ऑक्टाव मिरबो का “ले जार्दाँ दे सुप्लिस” 1899 में प्रकाशित एक उपन्यास है। यह उत्तेजक कृति एक फ़्रांसीसी राजनीतिक कार्यकर्ता का अनुसरण करती है, जिसे एक संदिग्ध मिशन पर सीलोन भेजा जाता है, जहाँ उसकी भेंट रहस्यमयी क्लारा से होती है—एक अंग्रेज़ महिला, जो उसे चीनी यातना-उद्यान में ले जाती है। विचलित कर देने वाले वर्णनों और काले हास्य के माध्यम से यह उपन्यास हिंसा, उपनिवेशवाद और उस सार्वभौमिक “हत्या के क़ानून” की पड़ताल करता है, जिसे मिरबो सभी समाजों के आधार में मौजूद मानते हैं। इसका जानबूझकर अस्पष्ट स्वर पाठकों को सभ्यता, नैतिकता और सौंदर्य तथा भयावहता के बीच की सीमाओं पर प्रश्न उठाने के लिए चुनौती देता है।

टिप्पणियाँ

इस पुस्तक के बारे में विकिपीडिया पृष्ठ: en.wikipedia.org/wiki/The_Torture_Garden Wikipedia page about this book: fr.wikipedia.org/wiki/Le_Jardin_des_supplices

लेखक
Mirbeau, Octave, 1848-1917
पढ़ने का स्तर
A2 · प्रारंभिक
भाषा
Français

मिलती-जुलती किताबें

J A2 Le Journal d'une Femme de Chambre Le Journal d'une Femme de Chambre Mirbeau, Octave, 1848-1917 L L'abbé Jules L'abbé Jules Mirbeau, Octave, 1848-1917 C Contes de la chaumière Contes de la chaumière Mirbeau, Octave, 1848-1917 R A2 Roméo et Juliette Roméo et Juliette Shakespeare, William, 1564-1616 F A2 Le Fantôme de l'Opéra Le Fantôme de l'Opéra Leroux, Gaston, 1868-1927 T A2 Les trois mousquetaires Les trois mousquetaires Maquet, Auguste, 1813-1888