डॉ. जॉर्ज लिंकन वाल्टन द्वारा लिखी गई पुस्तक “व्हाय वरी?” 20वीं सदी की शुरुआत में लिखी गई एक आत्म-सहायता पुस्तक है। यह पुस्तक चिंता की समस्या पर विस्तार से चर्चा करती है, एवं व्यक्तियों को इस हानिकारक प्रवृत्ति पर काबू पाने में मदद करने हेतु व्यावहारिक सलाह देती है। वाल्टन चिंता के विभिन्न रूपों, जैसे हाइपोकॉन्ड्रिया एवं अत्यधिक चिंतापूर्ण विचारों के बारे में भी चर्चा करते हैं, एवं एक शांत एवं स्थिर मानसिक स्थिति प्राप्त करने हेतु उपाय सुझाते हैं। “व्हाय वरी?” में पहले ही इस बात पर जोर दिया गया है कि अत्यधिक चिंता मानसिक एवं शारीरिक स्वास्थ्य पर हानिकारक प्रभाव डालती है। वाल्टन कहते हैं कि चिंता एक सामान्य समस्या है, एवं अक्सर गलत विचारों एवं डरों के कारण उत्पन्न होती है। वे “सामान्य चिंता” एवं “असामान्य चिंता” जैसी महत्वपूर्ण अवधारणाओं को समझाते हैं, एवं पाठकों को इसके मूल कारणों को न समझे हुए चिंता को सीधे ही खत्म करने की कोशिश से बचने की सलाह देते हैं। उनका मानना है कि धीरे-धीरे अपने ध्यान को दूसरी ओर मोड़ने एवं अपनी सोच प्रणाली में सुधार करने से व्यक्ति की मानसिक स्थिति बेहतर हो सकती है, एवं उसका दैनिक जीवन अधिक प्रभावी हो जाएगा। पुस्तक में दी गई ये सलाहें एवं उपाय व्यक्ति को एक संतुलित एवं शांत मानसिक स्थिति प्राप्त करने में मदद करेंगे।