वेंडेलिन फोर्स्टर द्वारा रचित “एन बुक एवं उसके घोड़े के बीच कवितात्मक संवाद” 19वीं शताब्दी के अंत में लिखी गई एक शैक्षणिक रचना है। यह कविता एक काव्यात्मक संवाद के रूप में लिखी गई है, एवं इसमें नैतिकता, पश्चात्ताप एवं एक व्यक्ति एवं उसके घोड़े के बीच संबंध जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई है। यह कविता कैटलन साहित्य से प्रेरित है, एवं अपने समय में सामाजिक मूल्यों की खोज का प्रतीक भी है। इस कविता में “एन बुक” नामक पात्र, जो मानव अनुभवों का प्रतीक है, एवं उसका घोड़ा – जो उसका सहयोगी एवं उसके कार्यों का निर्णायक भी है – के बीच एक संवाद है। इस संवाद में “एन बुक” अपने विभिन्न गलत कार्यों को स्वीकार करता है, एवं पश्चात्ताप एवं सुधार की आवश्यकता पर विचार करता है। अंत में, घोड़े उसे अपने गलत कार्यों पर विचार करने के लिए प्रेरित करता है; जिसके परिणामस्वरूप “एन बुक” मृत्यु के बाद अपनी संपत्ति के न्यायपूर्ण वितरण की इच्छा व्यक्त करता है। यह कथा अपराधबोध, सामाजिक न्याय एवं जीवन की विडंबनापूर्ण प्रकृति जैसे विषयों पर आधारित है; एवं इसमें हास्य एवं मानव प्रकृति की गंभीर आलोचना दोनों ही शामिल हैं।
जर्नल फॉर रोमानिक फिलोलॉजी”, 1877