डांते अलीग्हिएरी द्वारा रचित “ला डिवीना कोमेडिया: पैराडाइस” एक इतालवी काव्य है, जिसकी रचना लगभग 1308 में शुरू हुई एवं 1321 में पूरी हुई। यह अंतिम अध्याय डांते की “स्वर्ग” यात्रा का वर्णन करता है; इस यात्रा में उनका मार्गदर्शन बियाट्रीस ने किया, जो दैवी व्यक्तित्वों, धर्मशास्त्र, कृपा एवं विश्वास का प्रतीक हैं। डांते नौ आकाशीय गोलकों से होकर “स्वर्ग” में पहुँचते हैं, जहाँ उन्हें ईश्वर का सार दिखाई देता है। मध्यकालीन कैथोलिक धर्मशास्त्र एवं दर्शन पर आधारित यह काव्य, पापों को स्वीकार करके एवं पश्चात्ताप करके आत्मा के दैवी लक्ष्य तक पहुँचने की कहानी है।