जॉन पर्वर रिचर्डसन द्वारा रचित "लाइफ़ एंड लिटरेचर" 20वीं सदी के आरंभ में संकलित साहित्यिक अंशों का संग्रह है। इस पुस्तक में प्राचीन और आधुनिक, दोनों प्रकार के लेखकों की दो हज़ार से अधिक रचनाओं के चयन वर्णक्रमानुसार व्यवस्थित किए गए हैं। इसका उद्देश्य पाठकों को साहित्यिक रत्नों का ऐसा भंडार प्रदान करना है, जो मन और आत्मा को समृद्ध करे तथा व्यक्तिगत विकास और आत्मनिरीक्षण को प्रोत्साहित करे। संकलन के आरंभ में लेखक एक प्रस्तावना के माध्यम से इस कृति का परिचय देते हैं और पाठकों को इन चयनित अंशों से जुड़ने का आमंत्रण देते हुए आश्वासन देते हैं कि ये विवेक और प्रबोधन को बढ़ावा देंगे। प्रत्येक अंश—जिनके विषय क्षमताओं, अनुपस्थिति और कार्यों जैसे विविध विषयों से आरंभ होते हैं—मानवीय अनुभव और संबंधों के अलग-अलग पहलुओं को प्रतिबिंबित करता है तथा संक्षिप्त किंतु गहन अंतर्दृष्टियाँ प्रस्तुत करता है। आरंभिक भाग पूरे संग्रह का स्वर निर्धारित करता है और ऐसे विविध विचार प्रस्तुत करता है, जो जीवन की जटिलताओं तथा साहित्य की सुंदरता पर चिंतन के लिए प्रेरित करते हैं।