फ्रांसिस बेकन द्वारा लिखित “द एडवांसमेंट ऑफ लर्निंग” एक दार्शनिक ग्रंथ है, जो 1605 में प्रकाशित हुआ। इसमें अवलोकन, संदेहावाद एवं परीक्षण-योग्यता जैसी वैज्ञानिक पद्धतियों का परिचय दिया गया है। राजा जेम्स प्रथम को समर्पित इस ग्रंथ में बेकन ने तर्क दिया कि पारंपरिक शिक्षा-पद्धतियों की कड़ी पकड़ प्रगति में बाधा डालती है; इसलिए समाज के हित के लिए प्रकृति का अध्ययन करके व्यावहारिक शिक्षा दी जानी चाहिए। उन्होंने प्रकृति से प्राप्त शुद्ध ज्ञान एवं दुनियावी, कामुक ज्ञान में अंतर किया, एवं शिक्षा, राजनय, चिकित्सा एवं धर्मशास्त्र जैसे क्षेत्रों में ऐसी नई पद्धतियों का प्रस्ताव रखा, जिनमें शैक्षणिक उत्कृष्टता की तुलना में व्यावहारिक लाभ को प्राथमिकता दी गई है।
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