गाय डी मोपास्सां का “कॉन्टे दु जूर एट डेला नाइट” एक लघुकथा संग्रह है, जो 1885 में प्रकाशित हुआ। इसका शीर्षक ही प्रकाश एवं अंधकार, दिन एवं रात के बीच के विपरीत को दर्शाता है। इन बीस-एक लघुकथाओं में क्रूरता, धोखा एवं त्रासदी जैसे विषयों के माध्यम से मानवता की अंधकारमय प्रकृति का वर्णन किया गया है। मोपास्सां ने किसानों को बेदशा एवं लालची, मध्यमवर्गीय लोगों को कायर एवं अनिर्भर, तथा अभिजात वर्ग को गैर-जिम्मेदार चित्रित किया है। स्वार्थ एवं परित्याग के कारण पारिवारिक संबंध टूट जाते हैं। इस संग्रह में पहले हल्की-फुल्की कहानियाँ हैं; लेकिन बाद में हत्या, आत्महत्या एवं मानवता की भयानकताओं पर स्पष्ट एवं निर्भीक ढंग से चर्चा की गई है।
इस पुस्तक के बारे में विकिपीडिया पृष्ठ: fr.wikipedia.org/wiki/Contes_du_jour_et_de_la_nuit