डब्ल्यू. आर. एस. राल्स्टन द्वारा लिखित “रूसी किंवदंतियाँ: मॉस्को के लोककथाओं का एक संग्रह” 19वीं शताब्दी के अंत में लिखी गई लोककथाओं का संग्रह है। यह संकलन विभिन्न रूसी लोककथाओं को प्रस्तुत करता है, जिसमें रूसी किसानों की परंपराएँ एवं कहानी-कहने की परंपरा को उजागर किया गया है। इन कथाओं में जादू, नैतिकता एवं ग्रामीण जीवन से संबंधित विषय प्रमुख रूप से उल्लेखित हैं; इनसे पाठकों को रूस की सांस्कृति की गहराईयों का अंदाजा मिलता है। संग्रह की शुरुआत में ही रूसी संस्कृति में लोककथाओं के विकास एवं महत्व पर चर्चा की गई है। राल्स्टन ने लोककथाओं की तुलना “सिंड्रेला” से की है, एवं इनके अज्ञातता से लेकर साहित्यिक विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा बनने तक की प्रक्रिया पर विस्तार से चर्चा की है। उन्होंने इन कथाओं की प्रकृति, उनकी पौराणिक उत्पत्ति, एवं रूसी जीवन की रीति-रिवाजों, धारणाओं एवं सामाजिक प्रक्रियाओं को उजागर करने में इनकी भूमिका पर भी चर्चा की है। यह संग्रह पाठकों को रूसी संदर्भ में मानव अनुभवों की रहस्यमयता एवं नैतिकता को समझने में मदद करेगा।