चेख़व की “प्रोजेक्ट गुटेनबर्ग द्वारा संकलित लघुकथाएँ” संभवतः उन्नीसवीं शताब्दी के उत्तरार्ध में लिखी गई लघुकथाओं का संग्रह है। इस संकलन में मानवीय स्वभाव की जटिलताओं को उजागर करने वाली विविध प्रकार की कहानियाँ शामिल हैं, जिनकी पृष्ठभूमि अक्सर रूसी समाज है। इन कहानियों में प्रेम, हानि और संबंधों की जटिलताओं जैसे विषय उभरकर आते हैं और विभिन्न पात्रों की दुर्दशा सामने आती है, जो अपने निजी संघर्षों से जूझ रहे हैं। संग्रह की पहली कहानी “द हॉर्स-स्टीलर्स” की शुरुआत में येरगुनोव नामक पात्र का परिचय मिलता है, जो अस्पताल का सहायक है और डॉक्टर से घोड़ा उधार लेने के बाद बर्फ़ीले तूफ़ान में रास्ता भटक जाता है। स्थानीय चोरों से अपने संबंध के लिए मशहूर एक संदिग्ध सराय में पहुँचकर येरगुनोव की भेंट कुछ रोचक किंतु संदिग्ध पात्रों से होती है, जिनमें कलाश्निकोव नामक एक कुख्यात घोड़ा-चोर भी शामिल है। इस संदिग्ध परिवेश में येरगुनोव अपने नैतिक विवेक से जूझता है और वातावरण रहस्य तथा कौतूहल से भर उठता है; इसके बाद होने वाली घटनाओं की शृंखला शेख़ी, लज्जा और इच्छा जैसे विषयों की पड़ताल करती है। यह आरंभ चेख़व की रचनाओं में निरंतर उपस्थित मानवीय व्यवहार और सामाजिक मानदंडों की गहन पड़ताल का स्वर निर्धारित करता है।