चार्ल्स लैम्ब और मैरी लैम्ब द्वारा रचित "टेल्स फ्रॉम शेक्सपियर" विलियम शेक्सपियर के नाटकों पर आधारित रूपांतरित कथाओं का संग्रह है, जिसे 19वीं सदी के आरंभ में लिखा गया था। इस कृति का उद्देश्य युवा पाठकों को शेक्सपियर के साहित्य से परिचित कराना है। इसमें नाटकों की मूल भाषा को यथासंभव बनाए रखते हुए कथानकों को सरल किया गया है, ताकि वे अधिक सुलभ बन सकें। इन कथाओं में "द टेम्पेस्ट", "हैमलेट", "ए मिडसमर नाइट्स ड्रीम" और "मच अडो अबाउट नथिंग" सहित विभिन्न नाटक शामिल हैं। प्रोस्पेरो, मिरांडा और बीट्रिस जैसे पात्रों के माध्यम से प्रेम, ईर्ष्या और मेल-मिलाप जैसे आवश्यक विषयों को बुना गया है। पाठ के आरंभिक भाग में एक प्रस्तावना है, जिसमें लेखक बच्चों के लिए शेक्सपियर की रचनाओं को सहज बनाने का अपना उद्देश्य स्पष्ट करते हैं। वे बताते हैं कि कथाओं को उनके अनुरूप ढालते समय शेक्सपियर की भाषा की अखंडता बनाए रखने का उन्होंने पूरा ध्यान रखा है। संग्रह की शुरुआत "द टेम्पेस्ट" से होती है, जिसमें एक जादुई द्वीप पर प्रोस्पेरो और उसकी बेटी मिरांडा के एकाकी जीवन का वर्णन है तथा उनके गहरे संबंध और उन्हें घेरने वाली जादुई घटनाएँ क्रमशः सामने आती हैं। अपने भाई द्वारा अन्याय का शिकार बनाया गया ड्यूक प्रोस्पेरो अपनी जादुई शक्तियों का उपयोग करके ऐसा तूफ़ान पैदा करता है, जो उसके शत्रुओं को द्वीप पर ले आता है। साथ ही, वह एरियल जैसे जादुई आत्माओं और विकराल प्राणी कैलिबन के साथ अपने जटिल संबंध को भी प्रदर्शित करता है। यह षड्यंत्र और मानवीय भावनाओं के अन्वेषण से भरी दुनिया का परिचय है, जो शेक्सपियर की विशाल रचनाधारा में प्रवेश करने का एक मोहक द्वार बनती है।