फ्रेडरिक विन्सलो टेलर द्वारा लिखित “वैज्ञानिक प्रबंधन के सिद्धांत” एक ऐसी पुस्तक है जो 1911 में प्रकाशित हुई। इसमें टेलर ने औद्योगिक कार्यों में परिवर्तन लाने हेतु व्यवस्थित सिद्धांतों का उपयोग करने की रणनीति प्रस्तुत की है; न कि व्यक्तिगत कर्मचारियों की पद्धतियों पर निर्भर रहने का सुझाव दिया है। उनका मानना है कि कार्यों के वैज्ञानिक विश्लेषण, उचित प्रशिक्षण एवं सहयोग के माध्यम से नियोक्ताओं एवं कर्मचारियों दोनों की सर्वोत्तम प्रगति संभव है। टेलर ने यह भी बताया कि क्यों कर्मचारी जानबूझकर कार्यों में धीमापन करते हैं, एवं पारंपरिक तरीकों के स्थान पर समय-एवं गति-अध्ययनों पर आधारित, कुशल एवं मापनीय विधियों का उपयोग करने का सुझाव दिया।
इस पुस्तक के बारे में विकिपीडिया पृष्ठ: en.wikipedia.org/wiki/The_Principles_of_Scientific_Management