The Hindu-Arabic Numerals

Karpinski, Louis Charles, 1878-1956

इस किताब के बारे में

डेविड यूजीन स्मिथ एवं लुईस चार्ल्स कार्पिन्स्की द्वारा लिखित “हिंदू-अरबी अंक प्रणाली” एक ऐतिहासिक ग्रंथ है, जो 20वीं सदी की शुरुआत में लिखा गया। इस पुस्तक में आज आमतौर पर उपयोग में आने वाली अंक प्रणाली की उत्पत्ति एवं विकास का विस्तृत वर्णन किया गया है; हालाँकि इसे अक्सर “अरबी” अंक प्रणाली कहा जाता है, लेकिन वास्तव में इसकी जड़ें हिंदू गणित में हैं। लेखकों का उद्देश्य इन अंकों से संबंधित विभिन्न जानकारियों को संकलित एवं स्पष्ट करना है, एवं इनके विकास, उपयोग एवं व्यापार/विज्ञान में इनकी व्यापक स्वीकृति का अध्ययन करना है। पुस्तक की शुरुआत में ही यह बताया गया है कि हिंदू-अरबी अंक प्रणाली को व्यापक रूप से अपनाना अपेक्षाकृत हालिया ही हुआ है; इस प्रणाली को यूरोप एवं अमेरिका में पिछली कुछ शताब्दियों में ही महत्व प्राप्त हुआ। पुस्तक में इन अंकों की उत्पत्ति से संबंधित गलतफहमियों पर भी चर्चा की गई है, एवं प्राचीन सभ्यताओं द्वारा पहले से उपयोग में आने वाली अंक प्रणालियों से इनके विकास का वर्णन किया गया है। लेखकों ने विभिन्न विद्वानों के योगदानों पर भी जोर दिया है; विशेष रूप से हिंदू एवं अरबी संस्कृतियों के संदर्भ में इन अंकों की उत्पत्ति से संबंधित दावों का मूल्यांकन करते हुए। पुस्तक, इन अंकों के भारत से यूरोप तक की यात्रा का विस्तृत अध्ययन भी प्रस्तुत करती है, एवं इस गणितीय इतिहास में शामिल जटिलताओं पर भी प्रकाश डालती है।

लेखक
Karpinski, Louis Charles, 1878-1956
पढ़ने का स्तर
B1 · मध्यम
भाषा
English