हॉवर्ड विलियम्स की “द एथिक्स ऑफ डाइट” 1883 में प्रकाशित एक जीवनीपरक संकलन है। यह अग्रणी कृति प्राचीन यूनान से लेकर विक्टोरियाई युग तक मांसाहार के विरोध का इतिहास प्रस्तुत करती है और 150 से अधिक दार्शनिकों, कवियों, चिकित्सकों तथा सुधारकों के तर्कों का संकलन करती है। विलियम्स शाकाहार को आधुनिक नवीनता के रूप में नहीं, बल्कि सभ्यताओं में फैली एक चिरस्थायी नैतिक परंपरा के रूप में प्रस्तुत करते हैं। पाइथागोरस और प्लूटार्क से लेकर शेली और रूसो तक का उनका कालानुक्रमिक सर्वेक्षण गांधी और टॉल्स्टॉय सहित अनेक प्रमुख व्यक्तित्वों से प्रभावित हुआ और इस पुस्तक को शाकाहार के इतिहास तथा मनुष्यों के पशुओं के साथ संबंधों पर नैतिक चिंतन की आधारभूत कृति के रूप में स्थापित किया।
इस पुस्तक के बारे में विकिपीडिया पृष्ठ: en.wikipedia.org/wiki/The_Ethics_of_Diet