ओमर खय्याम की “रूबाययत” एक अनुवादित पुस्तक है, जो सन् 1859 में एडवर्ड फिट्ज़गेराल्ड द्वारा प्रकाशित की गई; इसमें फारसी कविताएँ अंग्रेजी में अनुवादित की गई हैं। शुरुआत में यह पुस्तक व्यावसायिक रूप से असफल रही, लेकिन 1880 के दशक तक पूरी अंग्रेजी-भाषी दुनिया में इसकी बहुत लोकप्रियता हो गई; इसके कारण कई समूह एवं “सदी-अंत के प्रभाव” भी उत्पन्न हुए। इन कविताओं पर लंबे समय से बहस चल रही है – क्या ये धार्मिक संदेह एवं इपीकुरसीय दर्शन की अभिव्यक्ति हैं, या फिर ये रहस्यवादी सूफी छंद हैं जिन्हें अनुवादक ने गलत तरीके से समझा? इन कविताओं की वास्तविकता आज भी अनिश्चित है।
Wikipedia page about this book: en.wikipedia.org/wiki/Rubaiyat_of_Omar_Khayyam